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रांची में 21 अप्रैल को 12 घंटे जलापूर्ति बंद, कई इलाकों में असर
Shantanu Roy
20 April 2026 8:53 PM IST

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Ranchi. रांची। रांची में रहने वाले लोगों के लिए अहम सूचना जारी की गई है। शहर के कई हिस्सों में 21 अप्रैल को करीब 12 घंटे तक जलापूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के स्वर्णरेखा शीर्षकार्य प्रमंडल के अनुसार, रूक्का राइजिंग पाइपलाइन में लीकेज की मरम्मत और पुराने जलशोधन संयंत्र के संप की सफाई के कारण यह निर्णय लिया गया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पानी की आपूर्ति सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बाधित रहेगी। इस दौरान हुटुप रूक्का सेक्शन ऑफिस, रूक्का मोड़, रिंग रोड गोलचक्कर, सुधांशु स्कूल और पुराने जलशोधन संयंत्र परिसर के पास मरम्मत कार्य किया जाएगा। कार्य को समय पर पूरा करने के लिए इंजीनियरों और कर्मचारियों की विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
जलापूर्ति ठप रहने से शहर के कई प्रमुख और घनी आबादी वाले इलाके प्रभावित होंगे। इनमें बरियातू हाउसिंग कॉलोनी, बरियातू रोड और रिम्स परिसर शामिल हैं, जहां पानी की किल्लत अधिक होने की संभावना है। इसके अलावा हिंदपीढ़ी, ओसीसी, मेन रोड, लालपुर, कोकर, चुटिया, रेलवे स्टेशन, नामकुम, रातू रोड, बुटी, बीआईटी विकास और इरबा क्षेत्रों में भी जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह मरम्मत कार्य भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर और सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक है। पाइपलाइन लीकेज को ठीक करने और जलशोधन संयंत्र की सफाई से पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते पानी का पर्याप्त भंडारण कर लें, ताकि दैनिक जरूरतों में किसी प्रकार की परेशानी न हो। खासतौर पर सोमवार शाम या मंगलवार सुबह 6 बजे से पहले ही आवश्यक पानी भर लेने की सलाह दी गई है। विभाग ने यह भी कहा है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद जलापूर्ति सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएगी। इस अस्थायी व्यवधान के लिए विभाग ने खेद व्यक्त करते हुए लोगों से सहयोग की अपील की है। यह पहली बार नहीं है जब शहर में पाइपलाइन मरम्मत के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन इस बार प्रभावित क्षेत्रों की संख्या अधिक होने के कारण लोगों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है। शहरवासियों के लिए यह जरूरी है कि वे इस अवधि के दौरान पानी का सही उपयोग करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। विभाग का मानना है कि इस तरह के जरूरी कार्यों से भविष्य में जल संकट की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी।
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